करौली में बहुसंख्‍यकों का पलायन जारी, घरों व दुकानों के बाहर लगाए "सम्पति बिकाऊ" के बोर्ड ~

करौली में बहुसंख्‍यकों का पलायन जारी, घरों व दुकानों के बाहर लगाए “सम्पति बिकाऊ” के बोर्ड

करौली में बहुसंख्‍यकों का पलायन जारी, घरों व दुकानों के बाहर लगाए “सम्पति बिकाऊ” के बोर्ड

राजस्थान के करौली में नवसंवत्सर (2 अप्रैल) को हिंदू संगठनों की बाइक रैली पर हुए पथराव के बाद तनावपूर्ण शांति है। इस बीच मुस्लिम बहुल इलाकों से बहुसंख्यक अपने घर और दुकान बेचकर दूसरी जगह पलायन कर रहे हैं। दो घरों व कुछ दुकानों पर तो एक वर्ग विशेष के लोगों ने कब्जा कर लिया है। बहुसंख्यकों ने घरों और दुकानों के बाहर “सम्पति बिकाऊ”के बोर्ड लगा दिए।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मंगलवार को करौली पहुंची

जांच से जुड़े एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में लोग अपना घर और दुकान छोड़कर या तो करौली में ही दूसरी जगह रहने लगे हैं या फिर ताला लगाकर दूसरी शहर में चले गए हैं। इन लोगों को वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पलायन करने वालों में जाटव,खटीक,धोबी और कुमावत समाज के लोग शामिल हैं। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मंगलवार को करौली पहुंची । यहां उन्होंने उपद्रव प्रभावित इलाकों का दौरा करने के साथ ही पीड़ितों से मुलाकात की ।

संवैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने की नसीहत दी

वसुंधरा ने उजड़े हुए घर और दुकानों का जायजा लिया । उन्होंने जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने की नसीहत दी । उन्होंने अधिकारियों से कहा,समय एक जैसा नहीं रहता ।वसुंधरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा,अशोक गहलोत सरकार हिंदू त्योहारों पर पाबन्दी लगा रही है। करौली की घटना कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण की नीति का परिणाम है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी व भाजपा अध्यक्ष सतीश आएंगे

बाइक रैली पर षडयंत्र पूर्वक पथराव किया गया । पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया है,जबकि असली दोषी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस दौरान वसुंधरा के साथ उनके सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह और करौली-धौलपुर के सांसद मनोज राजोरिया भी थे। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया बुधवार को करौली जाएंगे ।

उपद्रव से पहले मुस्लिम लोगों ने दुकान बन्द कर दी थी

उपद्रव से पहले मुस्लिम समाज के दुकानदारों ने पहले ही दुकानें बन्द कर दी थी । इसके बाद बहुसंख्यकों की दुकानों को निशाना बनाया गया । इससे साफ जाहिर है कि उपद्रव सोची-समझी साजिश साजिश का हिस्सा है। मुख्य बाजार के व्यापारी चन्द्रशेखर गर्ग ने बताया कि हिन्दू उपद्रव के बाद से हमने दुकानें नहीं खोली । अब बेचना चाहते हैं,लेकिन कोई खरीददार नहीं मिल रहा है। रमेश ने कहा,मेरी दो दुकानें थी जो जलकर खाक हो गई। अब घर चलाना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन की तरफ से राहत सामग्री भी मुस्लिम बहुल इलाकों में वितरित की गई। हेमन्त अग्रवाल ने कहा कि उपद्रवियों ने मेरी दुकान से 20 लाख का सामान लूट लिया । पुलिस रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कर रही है। उपद्रव में घायल हुए अमित शर्मा की मां ने बताया कि घरों में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की गई। वसुंधरा ने अमित शर्मा की मां से मुलाकात की ।यन नहीं हुआ, हिंदुओं को निशाना बनाया गया था

राज्य सरकार में पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा ने पलायन की बात को गलत बताते हुए कहा कि यह अफवाह फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा,बहुसंख्यकों का पलायन नहीं हुआ है। वहीं भाजपा के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा ने 195 ऐसे लोगों की सूची प्रशासन को सौंपी है,जिन्होंने अब तक पलायन किया है। उधर उपद्रव के दसवें दिन मंगलवार को कफ्र्यू में सुबह नो से शाम छह बजे तक की राहत दी गई । मीणा ने कहा कि उनकी सूची सही है। सांसद राजोरिया ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में हिंदुओं को निशाना बनाया गया था ।

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